अपनी कविताओं से हमेशा यथार्थ को संपूर्णता में ढूंढने वाला एक समर्थ कवि लीलाधर जगूड़ी की साक्षात्कार आधारित पुस्तक 'प्रश्नब्यूह में प्रज्ञा' उनके कवि, रचनाकार के साथ ही चिंतक रूप को सामने लाती है. पुस्तक बताती है कि अपने समय की चुनौतियों को लेकर न केवल जागरूक है, बल्कि वह भाषा, साहित्य और समाज को लेकर भी उसकी दृष्टि बहुत व्यापक है. ...साहित्य तक के बुक कैफे के 'एक दिन एक किताब' में सुनिए इसी पुस्तक पर वरिष्ठ पत्रकार जय प्रकाश पाण्डेय की राय
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