पाकिस्तान के कराची में एक 9 महीने की गर्भवती महिला के सी-सेक्शन ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में बच्चा नहीं मिला, जबकि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी की पुष्टि थी। पुलिस जांच में पता चला कि महिला ने झूठी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बनवाई थी। इस घटना ने अस्पताल में प्रेग्नेंसी जांच और डिलीवरी से पहले की मेडिकल प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, डिलीवरी से पहले हार्टबीट और बच्चे की स्थिति की जांच जरूरी होती है, जो इस मामले में संभवतः नहीं की गई।
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