जब जन्मकुंडली के नवम भाव में सूर्य और राहु एकसाथ स्थित हों, तब सूर्य-राहु की युति से ग्रहण योग की स्थिति बनती है. सूर्य आत्मविश्वास, पिता, सम्मान, नेतृत्व और जीवन-मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है. जबकि राहु भ्रम, असामान्य सोच, महत्वाकांक्षा, छल-प्रपंच और भौतिक आकर्षण से जुड़ा माना जाता है.
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