संसद की स्थायी समिति ने भारत के छोटे हथियारों के कारखानों की खराब स्थिति पर चिंता जताई है. रिपोर्ट में उत्पादन क्षमता के खाली बैठने, 600 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान, और गुणवत्ता में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है. सेना से मांग कम होने के कारण कारखानों को गृह मंत्रालय के ऑर्डर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
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