इस्लामाबाद MoU को पहले ही शक की निगाह से देखा जा रहा था. समझौता होते ही ईरान और अमेरिका ने होर्मुज पर अधिकार जताने की कोशिश कर रही. यहीं से दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ हो गए और ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर हमला करना शुरू कर दिया. आखिरकार 30 दिन बाद ही ये समझौता खत्म हो गया है.
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