एक तरफ पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच शांतिदूत के तौर पर पेश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपने ही घर में लगी आग बुझाने के लिए उसे चीन का सहारा लेना पड़ रहा है. हालात इतने बेकाबू हुए कि चीन को बीच-बचाव करना पड़ा. चीन के उरुमकी शहर में हुई 7 दिनों की बातचीत के बाद अब दोनों पड़ोसी देश युद्ध न बढ़ाने पर राजी हुए हैं.
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