यह आरोप अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस डिनैनो ने शुक्रवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण सम्मेलन के दौरान लगाया. खास बात यह है कि ये दावा ऐसे समय किया गया है, जब अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार संधि पांच फरवरी को खत्म हो चुकी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भविष्य की किसी भी परमाणु संधि में चीन को शामिल करना चाहते हैं.
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