शोधकर्ताओं का दावा है कि ये खोज ऑटिज्म के लिए targeted drug treatments का रास्ता खोल सकती है. इसके बाद आने वाले समय में ऐसी दवाएं भी बनाई जा सकती हैं, जो दिमाग के इस मेन्टेनेंस सिस्टम को ठीक करें और लक्षणों को कम करें. यह स्टडी स्किज़ोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसे अन्य न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से भी जुड़ी है.
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