बीते ढाई दशकों में विभिन्न सरकारों ने ग्रेटर हैदराबाद के पश्चिमी हिस्से को कंक्रीट के जंगल में तब्दील कर दिया है, जहां प्राकृतिक चट्टानों की जगह ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी हैं. सवाल यह उठता है कि जब शहर के दक्षिणी हिस्से में बंजर ज़मीन उपलब्ध है, तो हैदराबाद की ‘सिलिकॉन वैली’ सिर्फ़ इसी क्षेत्र में क्यों बनाई जाए?
Originally published at आज तक

