पेंटागन की ओर से यह आदेश ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका अपने सबसे घातक ग्रेविटी न्यूक्लियर बम B61-13 को 2026 तक बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है. यह हिरोशिया पर दागे गए परणाणु बम से 24 गुना ज्यादा ताकतवर है, जिसका वजन करीब 360 किलोटन होगा.
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