पीएम किसान के लाभार्थियों के संख्या में तेजी से कटौती हुई है. इसके पीछे का कारण भूलेखों का सत्यापन होना है बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि 14वीं किस्त के दौरान भी बड़ी संख्या में अपात्र किसानों का नाम लाभार्थियों की सूची से हटाया जा सकता है.
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