गो फर्स्ट एयरलाइंस Cash & Carry मोड पर चल रही है. यानी इसे जितनी फ्लाइट संचालित करनी हैं, कंपनी को उनके लिए डेली पेमेंट करना होगा. कंपनी ने दिवालिया होने के लिए जो आवेदन किया है, उनके मुताबिक कंपनी पर 6,527 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है. वहीं कंपनी इजन मुहैया कराने वाली Pratt & Whitney ने सप्लाई बंद कर दी है.
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