UP के मुजफ्फरनगर में एक बेबस मां के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वो अपने 22 साल के एक नौजवान बेटे के शव का अंतिम संस्कार भी कर सके. जिसके बाद साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी ने आगे बढ़कर इस बेबस मां के मृत बेटे का अंतिम संस्कार किया.
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