डिग्री व अंकपत्र बनाने की एजेंसी के लिए चयन प्रक्रिया तेज
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में परीक्षा से जुड़ा काम पटरी पर लाना आसान नहीं दिख रहा है। एक तरफ जहां परीक्षा के बाद पांच लाख कॉपियां डंप पड़ी हैं, वहीं पोस्ट एग्जाम वर्क कर रही एजेंसी का समय भी पूरा होने वाला है। हालिया प्रकरण में उसका नाम आने के बाद उसका आगे काम करना भी संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में विवि प्रशासन ने इसके लिए यूपीडेस्को व शासन से पत्राचार किया है।
विवि में परीक्षा मूल्यांकन से जुड़ा काम एक एजेंसी से व परीक्षा परिणाम तैयार करने, मार्क्सशीट, डिग्री आदि बनाने का काम दूसरी एजेंसी से होता है। पूर्व में यह काम अलग-अलग एजेंसी कर रही थी। किंतु दोनों एजेंसियों ने अपना रिन्यूवल न होने पर काम बंद कर दिया है।
एकेटीयू ने पोस्ट एजाम वर्क के लिए यूपीडेस्को व शासन से किया पत्राचार
तत्कालीनकुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने एक एजेंसी को 89 दिन के लिए रखा था। इसका समय भी लगभग एक महीने ही बाकी है। इसे देखते हुए पूर्व में ही विवि प्रशासन ने यूपीडेस्को से पत्राचार कर एजेंसी की मांग की थी। नए कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने भी मूल्यांकन के लिए नई एजेंसी के चयन के लिए शासन से पत्राचार किया है। प्रो. राय ने बताया कि दोनों कामों के लिए अलग-अलग एजेंसी चयन की प्रक्रिया शासन के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। विद्यार्थियों को डिग्री- मार्क्सशीट आदि के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इससे संबंधित काम समय से पूरा कर लिया जाएगा।


